Top Hindi Jankari

TOP HINDI JANKARI हिंदी वेबसाइट पर आपको बहुत ही आसान और सरल भाषा में जानकारी दी जाती है । यह वेबसाइट बनाने का मुख्य कारण है हिंदी भाषा से आपको विभिन्न प्रकार के जानकारियां आप तक सही तरीके से पहुंचे ।

भारत का नाम इंडिया कैसे पड़ा? जानिए विस्तार से

भारत का नाम “इंडिया” कैसे पड़ा? इसके पीछे इतिहास-कारों का कई मत हैं। “इंडिया” शब्द आज़ादी के बाद ज्यादा प्रसिद्ध हुआ है।

जब अंग्रेज़ भारत आए थे, उन्हें भारत या हिन्दुस्तान के नाम को उच्चारण में कठिनाई होती थी। ब्रिटिश अधिकारी ज्यादातर बोलचाल में भारत को “इंडिया” के नाम से पुकारते थे।

जैसे कि राष्ट्रपति ने जी20 की मीटिंग के आमंत्रण में ‘प्रेसीडेंट ऑफ इंडिया’ की जगह ‘प्रेसीडेंट ऑफ भारत’ का उपयोग किया, इससे यह संकेत मिलता है कि क्या सरकार देश के नाम को केवल ‘भारत’ पर सीमित करने का कदम उठा रही है, जिससे भविष्य में देश का नाम ‘इंडिया’ नहीं रहेगा। क्या संविधान इसे बदलने की छूट देता है और क्या संसद देश का नाम बदल सकती है, यह सवाल उठ रहा है।

इस समय यह चर्चा हो रही है कि क्या संसद के विधेयक के माध्यम से देश का नाम केवल ‘भारत’ हो सकता है। इसका मुख्य कारण G-20 समिट का आमंत्रण है, जिसमें राष्ट्रप्रमुखों को राष्ट्रपति के द्वारा भेजा गया है। हाल ही में, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने भी कहा है कि लोगों को ‘भारत’ कहना चाहिए, न कि ‘इंडिया’. इस लेख में हम जानेंगे “भारत का नाम इंडिया कैसे पड़ा?”

ये भी पढ़ें: G20 2023 Theme In Hindi

अपने देश का नाम भारत कैसे पड़ा, इतिहास जान लीजिए

पहले यह जान लें कि भारत के वर्तमान और प्राचीन कितने नाम हैं। वर्तमान समय में तीन नाम हैं – भारत, इंडिया, और हिन्दुस्तान के नाम से प्रसिद्ध है। संविधान में भारत-वर्ष शब्द का प्रयोग होता है।

लेकिन प्राचीन समय में अन्य नामों से भी भारत को जाना जाता था। भारत को कई नामों से जाना जाता है, जिनमें मुख्य नाम ये हैं –

  • भारत
  • इंडिया
  • हिन्दुस्तान
  • आर्यावर्त
  • जंबूद्वीप
  • भारतखण्ड
  • हिन्द।

भारत का नाम इंडिया कैसे पड़ा? | bharat ka naam india kaise pada

भारत का नाम “इंडिया” लैटिन शब्द “इंडिया” से लिया गया है, जिसका अर्थ है “सिंधु नदी का देश”। यह शब्द प्राचीन यूनानी इतिहासकारों द्वारा गढ़ा गया था, जिन्होंने सिंधु नदी के क्षेत्र के लोगों को “इंडोस” कहा था।

सिंधु नदी भारत की एक प्रमुख नदी है, जो पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम में बहती है। यह नदी प्राचीन काल से ही भारत के इतिहास और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। सिंधु नदी के क्षेत्र में कई प्राचीन सभ्यताएं विकसित हुईं, जिनमें मोहनजो-daro और हड़प्पा शामिल हैं।

यूनानी इतिहासकारों ने सिंधु नदी के क्षेत्र के लोगों के बारे में पहली बार जानकारी दी थी। उन्होंने इन लोगों को “इंडोस” कहा, जो लैटिन भाषा में “इंडियन” बन गया। इस शब्द का उपयोग धीरे-धीरे पूरे भारत के लोगों को संदर्भित करने के लिए किया जाने लगा।

आजकल, “इंडिया” शब्द भारत के लिए सबसे आम नाम है। यह शब्द दुनिया भर में जाना जाता है, और यह भारत की पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हालांकि, कुछ लोग यह भी तर्क देते हैं कि “इंडिया” शब्द भारत के लिए सही नाम नहीं है। उनका तर्क है कि यह शब्द सिंधु नदी के क्षेत्र के लोगों को संदर्भित करने के लिए गढ़ा गया था, और यह पूरे भारत के लोगों को संदर्भित करने के लिए उपयुक्त नहीं है। वे यह भी तर्क देते हैं कि “भारत” शब्द का उपयोग भारत के लिए करना अधिक सटीक होगा, क्योंकि यह शब्द देश के प्राचीन नाम, “भारतवर्ष” से लिया गया है।

ये भी पढ़ें: Aditya L1 3 Essay In Hindi

Bharat Ka Naam Bharat Kaise Pada?

भारत का नाम “भारत” प्राचीन भारतीय महाकाव्य महाभारत के एक पात्र, राजा भरत के नाम पर रखा गया है। भरत एक चक्रवर्ती सम्राट थे, जिन्होंने एक विशाल साम्राज्य पर शासन किया था, जो वर्तमान भारत के क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा शामिल था।

महाभारत के अनुसार, भरत के पिता दुष्यंत और माता शकुंतला थे। शकुंतला एक ऋषि की पुत्री थीं, जिन्हें राजा दुष्यंत ने एक दिन वन में देखा था। राजा दुष्यंत और शकुंतला ने प्रेम किया और भरत को जन्म दिया।

भरत ने अपने पिता के बाद साम्राज्य पर शासन किया। वह एक न्यायप्रिय और उदार शासक थे, और उन्होंने अपने राज्य में शांति और समृद्धि ला दी। भरत के शासन के दौरान, भारत एक शक्तिशाली और समृद्ध देश बन गया।

राजा भरत के नाम पर ही इस देश का नाम “भारत” पड़ा। यह नाम देश की प्राचीन और समृद्ध संस्कृति और इतिहास को दर्शाता है।

भारत के नामकरण के बारे में एक और सिद्धांत यह है कि यह शब्द “भर” शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ है “भरना” या “पूर्ण करना”। इस सिद्धांत के अनुसार, “भारत” का अर्थ है “पूरा देश” या “सभी लोगों का देश”। यह सिद्धांत भी भारत की विविधता और समृद्धि को दर्शाता है।

आखिरकार, भारत का नामकरण क्यों हुआ, इसकी सटीक जानकारी अज्ञात है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि राजा भरत और “भर” शब्द भारत के नामकरण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

संविधान में क्या कहा गया है?

हमारे देश के दो नाम हैं। पहला – भारत और दूसरा – इंडिया। भारतीय संविधान के आर्टिकल 1 में लिखा है, ‘इंडिया दैट इज भारत’ यूनियन ऑफ स्टेट्स का। यानी इंडिया वही है जो भारत है और ये राज्यों का संघ है। संविधान छूट देता है कि सरकार को ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया’ भी कहा या लिखा जा सकता है और ‘गवर्नमेंट ऑफ भारत यानि भारत सरकार’ भी। दोनों ही नामों का इस्तेमाल देश की आजादी के बाद से होता रहा है।

दो नाम कैसे पड़े?

1947 में जब आजादी मिली, तो भारत का संविधान बनाने के लिए संविधान सभा बनाई गई। इसमें देश के नाम को लेकर तीखी बहस हुई। 18 नवंबर 1949 को बहस हुई थी, जिसकी शुरुआत संविधान सभा के सदस्य एचवी कामथ ने की थी। उन्होंने अंबेडकर समिति के उस मसौदे पर आपत्ति जताई थी, जिसमें देश के दो नाम थे – “इंडिया” और “भारत”।

कामथ ने अनुच्छेद-1 में संशोधन का प्रस्ताव रखा। अनुच्छेद-1 कहता है – ‘इंडिया दैट इज भारत’। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि देश का एक ही नाम होना चाहिए और उन्होंने “हिंदुस्तान,” “हिंद,” “भारतभूमि,” और “भारतवर्ष” जैसे नाम सुझाए।

भारत के सभी नाम और उनका मतलब

भारत को कई नामों से जाना जाता है, जिनमें से प्रत्येक का अपना अर्थ होता है। भारत के कुछ सबसे आम नामों और उनके अर्थों में शामिल हैं:

  • भारतवर्ष – यह भारत का सबसे प्राचीन नाम है। यह शब्द “भरत” शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ है “पूरा देश” या “सभी लोगों का देश”।
  • इंडिया – यह भारत का सबसे आम आधुनिक नाम है। यह शब्द यूनानी शब्द “इंडोस” से लिया गया है, जिसका अर्थ है “सिंधु नदी का देश”।
  • हिंदुस्तान – यह भारत का एक अन्य आम आधुनिक नाम है। यह शब्द “हिंदू” शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ है “धर्म” या “धर्म”।
  • जम्बूद्वीप – यह भारत का एक प्राचीन नाम है। यह शब्द “जम्बू” शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ है “जम्बू फल”।
  • आर्यावर्त – यह भारत का एक प्राचीन नाम है। यह शब्द “आर्य” शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ है “सभ्य” या “शिक्षित”।

इनके अलावा, भारत को कई अन्य नामों से भी जाना जाता है, जिनमें शामिल हैं:

  • अजनाभवर्ष
  • भारतखंड
  • हिमवर्ष
  • तियानझू

भारत का प्रत्येक नाम देश की प्राचीन और समृद्ध संस्कृति और इतिहास को दर्शाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to top