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Chandrayaan 3 Current Affairs In Hindi | मिशन चंद्रयान 3 महत्वपूर्ण प्रश्न

Chandrayaan 3 Current Affairs In Hindi: Chandrayaan 3 Current Affairs 2023 में Railway, Banking, CG VYAPAM, SSC, CGPSC, UPSC, आदि Exam मे Chandrayaan 3 Current Affairs के Question पुछे जाते है, अगर आपको Exam me सफल होना है तो आप Chandrayaan 3 Important Questions की सभी Chandrayaan 3 GK Quiz को अच्छे से याद करें।

Chandrayaan 3 Current Affairs In Hindi

चंद्रयान-3 के बारें में विवरण | Chandrayaan 3 details in hindi

चंद्रयान-3 भारत का एक चंद्र मिशन है, जो 2023 में चंद्रमा की सतह पर उतरने और वैज्ञानिक प्रयोग करने के लिए तैयार है. यह मिशन चंद्रमा की दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा, जहां पानी की बर्फ होने की संभावना है.

चंद्रयान-3 का पेलोड एक लैंडर, एक रोवर और एक प्रोपेलशन मॉड्यूल से बना है. लैंडर चंद्रमा की सतह पर उतरेगा और वहां रोवर को तैनात करेगा. रोवर चंद्रमा की सतह पर वैज्ञानिक प्रयोग करेगा.

चंद्रयान-3 का मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. यह मिशन भारत को चंद्रमा की दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला चौथा देश बना देगा. चंद्रयान-3 का मिशन भारत को वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्र में महत्वपूर्ण लाभ देगा.

विवरण जानकारी
लॉन्च की तारीख 14 जुलाई, 2023
लॉन्च स्थल सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा, भारत
लॉन्च वाहन भू-समकालिक उपग्रह प्रक्षेपण वाहन एमके III (जीएसएलवी एमके III)
कक्षा चंद्र कक्षा
लैंडिंग स्थल चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव
पेलोड लैंडर, रोवर और प्रोपेलशन मॉड्यूल

 

चंद्रयान 3 का उद्शेय क्या-क्या है?

चंद्रयान 3 का उद्देश्य चंद्रमा की दक्षिणी ध्रुव पर उतरना और वहां वैज्ञानिक प्रयोग करना है. चंद्रमा की दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ होने की संभावना है और चंद्रयान 3 इस संभावना की जांच करेगा. चंद्रयान 3 के अन्य उद्देश्यों में शामिल हैं:

  • चंद्रमा की सतह और उसके संरचना का अध्ययन करना
  • चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र का अध्ययन करना
  • चंद्रमा के वायुमंडल का अध्ययन करना
  • चंद्रमा की सतह पर मौजूद खनिजों और पदार्थों का अध्ययन करना

चंद्रयान 3 का मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. यह मिशन भारत को चंद्रमा की दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला चौथा देश बना देगा. चंद्रयान 3 का मिशन भारत को वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्र में महत्वपूर्ण लाभ देगा.

Chandrayaan 3 Current Affairs In Hindi | मिशन चंद्रयान 3 महत्वपूर्ण प्रश्न

  • चंद्रयान-3 भारत का एक चंद्र मिशन है, जो 14 जुलाई, 2023 को लॉन्च किया गया था.
  • चंद्रयान-3 का उद्देश्य चंद्रमा की दक्षिणी ध्रुव पर उतरना और वहां वैज्ञानिक प्रयोग करना है.
  • चंद्रयान-3 का पेलोड एक लैंडर, एक रोवर और एक प्रोपेलशन मॉड्यूल से बना है.
  • चंद्रयान-3 द्वारा किए जाने वाले वैज्ञानिक प्रयोग इस प्रकार हैं:
    • चंद्रमा की सतह पर पानी की बर्फ की उपस्थिति की जांच करना
    • चंद्रमा की सतह और उसके संरचना का अध्ययन करना
    • चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र का अध्ययन करना
    • चंद्रमा के वायुमंडल का अध्ययन करना
  • चंद्रयान-3 को निम्नलिखित चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा:
    • चंद्रमा की सतह का कठोर वातावरण
    • चंद्रमा की सतह पर उतरने की कठिनाई
    • अंतरिक्षयान की सीमित शक्ति और संचार क्षमता
  • चंद्रयान-3 भारत के लिए निम्नलिखित लाभ प्रदान करेगा:
    • चंद्रमा के बारे में अधिक वैज्ञानिक ज्ञान प्राप्त करना
    • भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए नई तकनीकों का विकास करना
    • राष्ट्रीय गौरव बढ़ाना
  • चंद्रयान-3 का बजट 615 करोड़ रुपये है.
  • चंद्रयान-3 का विकास भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा किया गया है.
  • चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण स्थल सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा, भारत है.
  • चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण वाहन भू-समकालिक उपग्रह प्रक्षेपण वाहन एमके III (जीएसएलवी एमके III) है.
  • चंद्रयान-3 का लैंडिंग स्थल चंद्रमा की दक्षिणी ध्रुव है.
  • चंद्रयान-3 का रोवर चंद्रमा की सतह पर वैज्ञानिक प्रयोग करेगा.
  • चंद्रयान-3 के वैज्ञानिक प्रयोग 14 दिन तक चलेंगे.
  • चंद्रयान-3 के वैज्ञानिक प्रयोगों से चंद्रमा के बारे में नई जानकारी प्राप्त होगी.
  • चंद्रयान-3 के सफल होने से भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नई पहचान मिलेगी.
  • चंद्रयान-3 के सफल होने से भारत को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करने में मदद मिलेगी.
  • चंद्रयान-3 के सफल होने से भारत को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई खोज करने में मदद मिलेगी.
  • चंद्रयान-3 के सफल होने से भारत के युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी.
  • चंद्रयान-3 के सफल होने से भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाइयां प्राप्त करने में मदद मिलेगी.
  • चंद्रयान-3 के सफल होने से भारत के राष्ट्रीय गौरव में वृद्धि होगी.
  • चंद्रयान-3 का सफल लॉन्च भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है.
  • चंद्रयान-3 के सफल लॉन्च से भारत को चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा देश बन गया है.
  • चंद्रयान-3 के सफल लॉन्च से भारत के अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रतिष्ठा बढ़ेगी.
  • चंद्रयान-3 के सफल लॉन्च से भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में नई संभावनाओं और अवसरों के द्वार खुलेंगे.
  • chandrayaan-2 लैंडर, रोवर और ऑर्बिटर था.
  •  chandrayaan-3 के लिए औरबितर नहीं बनाया गया है chandrayaan-2 का ऑर्बिटर पहले ही ऑर्बिटर में मौजूद है जरूरत पड़ने पर इसी का इस्तेमाल किया जाएगा
  •  chandrayaan-3 में ऑर्बिटर के बजाय स्वदेशी प्रोपल्शन मॉड्यूल है.
  • प्रोपल्शन में ड्यूल(वजन -2148 KG):  अंतरिक्ष मिशन पर जाने वाले यान का पहला हिस्सा होता है जिसे प्रोपल्शन मॉड्यूल कहा जाता है यह किसी भी स्पेसशिप को उड़ान भरने की ताकत देता है
  • लैंडर मॉड्यूल (वजन 1723Kg) : chandrayaan-3 का यह दूसरा और महत्वपूर्ण हिस्सा है इससे ही चंद्रमा पर उतारा जाएगा रोवर को चंद्रमा की सतह तक का सही तरीके से पहुंचाने की जिम्मेदारी उसी की होती है.
  •  रोवर (वजन-26kg) :- चंद्रयान का यह तीसरा हिस्सा है रोवर, जो लैंडर के जरिए चंद्रमा की सतह पर उतारेगा और फिर मूवमेंट कर जानकारी जुटाकर धरती पर भेजेगा
  • Chandrayaan-3 को LVM3-M4 रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा. इससे पहले GSLV MK – III के नाम से जाना चाहता था.
  • LVM 3 का FULL फॉर्म = Launch Vehicle Mark -III
     पुराना नाम – Geosynchronous Satellite Launch Vehicle Mark III

Chandrayaan 3 Important Questions in Hindi (चंद्रयान 3 मिशन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य )

  1. चंद्रयान-3 का उद्देश्य क्या है?

उत्तर: चंद्रयान-3 का उद्देश्य चंद्रमा की दक्षिणी ध्रुव पर उतरना और वहां वैज्ञानिक प्रयोग करना है.

  1. चंद्रयान-3 कब लॉन्च होगा?

उत्तर: चंद्रयान-3 को 14 जुलाई, 2023 को लॉन्च किया गया था.

  1. चंद्रयान-3 का पेलोड क्या होगा?

उत्तर: चंद्रयान-3 का पेलोड एक लैंडर, एक रोवर और एक प्रोपेलशन मॉड्यूल से बना है.

  1. चंद्रयान-3 द्वारा किए जाने वाले वैज्ञानिक प्रयोग क्या होंगे?

उत्तर: चंद्रयान-3 द्वारा किए जाने वाले वैज्ञानिक प्रयोग इस प्रकार हैं:

* चंद्रमा की सतह पर पानी की बर्फ की उपस्थिति की जांच करना

* चंद्रमा की सतह और उसके संरचना का अध्ययन करना

* चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र का अध्ययन करना

* चंद्रमा के वायुमंडल का अध्ययन करना

  1. चंद्रयान-3 को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा?

उत्तर: चंद्रयान-3 को निम्नलिखित चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा:

* चंद्रमा की सतह का कठोर वातावरण

* चंद्रमा की सतह पर उतरने की कठिनाई

* अंतरिक्षयान की सीमित शक्ति और संचार क्षमता

  1. चंद्रयान-3 भारत के लिए क्या लाभ प्रदान करेगा?

उत्तर: चंद्रयान-3 भारत के लिए निम्नलिखित लाभ प्रदान करेगा:

* चंद्रमा के बारे में अधिक वैज्ञानिक ज्ञान प्राप्त करना

* भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए नई तकनीकों का विकास करना

* राष्ट्रीय गौरव बढ़ाना

  1. चंद्रयान-3 का बजट क्या है?

उत्तर: चंद्रयान-3 का बजट 615 करोड़ रुपये है.

  1. चंद्रयान-3 का विकास किसने किया है?

उत्तर: चंद्रयान-3 का विकास भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा किया गया है.

  1. चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण स्थल कहां है?

उत्तर: चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण स्थल सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा, भारत है.

  1. चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण वाहन क्या है?

उत्तर: चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण वाहन भू-समकालिक उपग्रह प्रक्षेपण वाहन एमके III (जीएसएलवी एमके III) है.

  1. चंद्रयान-3 का लैंडिंग स्थल कहां है?

उत्तर: चंद्रयान-3 का लैंडिंग स्थल चंद्रमा की दक्षिणी ध्रुव है.

  1. चंद्रयान-3 का रोवर क्या करेगा?

उत्तर: चंद्रयान-3 का रोवर चंद्रमा की सतह पर वैज्ञानिक प्रयोग करेगा.

  1. चंद्रयान-3 के वैज्ञानिक प्रयोग कितने समय तक चलेंगे?

उत्तर: चंद्रयान-3 के वैज्ञानिक प्रयोग 14 दिन तक चलेंगे.

  1. चंद्रयान-3 के वैज्ञानिक प्रयोगों से क्या जानकारी प्राप्त होगी?

उत्तर: चंद्रयान-3 के वैज्ञानिक प्रयोगों से चंद्रमा के बारे में नई जानकारी प्राप्त होगी, जैसे कि:

* चंद्रमा की दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ की उपस्थिति

* चंद्रमा की सतह और उसके संरचना

* चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र

* चंद्रमा के वायुमंडल

  1. चंद्रयान-3 के सफल होने से भारत को क्या लाभ होगा?

उत्तर: चंद्रयान-3 के सफल होने से भारत को निम्नलिखित लाभ होगा:

* भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नई पहचान मिलेगी.

* भारत को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करने में मदद मिलेगी.

* भारत को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में

Chandrayaan 3 launch date and time:

चंद्रयान-3 को 14 जुलाई, 2023 को दोपहर 2:35 बजे (IST) लॉन्च किया गया था. इसे सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा, भारत से लॉन्च किया गया था.

Chandrayaan 3 GK Quiz in Hindi

  1. चंद्रयान 3 का उद्देश्य क्या है?

(A) चंद्रमा की सतह पर उतरना और वैज्ञानिक प्रयोग करना

(B) चंद्रमा की सतह पर उतरना और वहां एक मानव कॉलोनी स्थापित करना

(C) चंद्रमा की सतह पर उतरना और वहां एक पृथ्वी जैसा वातावरण बनाना

(D) चंद्रमा की सतह पर उतरना और वहां एक अंतरिक्ष यान का निर्माण करना

Correct Answer: (A)

  1. चंद्रयान 3 का प्रक्षेपण वाहन क्या है?

(A) जीएसएलवी एमके III

(B) एपीएससी-सी 7

(C) पीएसएलवी-सी 51

(D) एसएलवी-3

Correct Answer: (A)

  1. चंद्रयान 3 का रोवर क्या करेगा?

(A) चंद्रमा की सतह पर वैज्ञानिक प्रयोग करेगा

(B) चंद्रमा की सतह पर चित्र और वीडियो लेगा

(C) चंद्रमा की सतह पर चले फिरे

(D) सभी विकल्प सही हैं

Correct Answer: (D)

  1. चंद्रयान 3 के वैज्ञानिक प्रयोग कितने समय तक चलेंगे?

(A) 10 दिन

(B) 14 दिन

(C) 21 दिन

(D) 28 दिन

Correct Answer: (B)

  1. चंद्रयान 3 के सफल होने से भारत को क्या लाभ होगा?

(A) चंद्रमा के बारे में अधिक वैज्ञानिक ज्ञान प्राप्त करना

(B) भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए नई तकनीकों का विकास करना

(C) राष्ट्रीय गौरव बढ़ाना

(D) सभी विकल्प सही हैं

Correct Answer: (D)

  1. चंद्रयान 3 के लैंडर का नाम क्या है?

(A) विक्रम

(B) भगवत

(C) इंद्र

(D) ब्रह्मा

Correct Answer: (A)

  1. चंद्रयान 3 के रोवर का नाम क्या है?

(A) प्रज्ञान

(B) गति

(C) उड़ान

(D) भ्रमण

Correct Answer: (A)

  1. चंद्रयान 3 का प्रक्षेपण कहां से हुआ था?

(A) सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा

(B) इसरो सेंटर, तिरुवनंतपुरम

(C) शार शॉट वेधशाला, ओडिशा

(D) केप केनवराल्, फ्लोरिडा

Correct Answer: (A)

  1. चंद्रयान 3 का बजट क्या है?

(A) 615 करोड़ रुपये

(B) 715 करोड़ रुपये

(C) 815 करोड़ रुपये

(D) 915 करोड़ रुपये

Correct Answer: (A)

  1. चंद्रयान 3 का लैंडर कितने किलोग्राम वजन का है?

(A) 1,400 किलोग्राम

(B) 1,500 किलोग्राम

(C) 1,600 किलोग्राम

(D) 1,700 किलोग्राम

Correct Answer: (A)

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