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इसरो चीफ़ डॉ एस सोमनाथ का जीवन परिचय | Dr S. Somanath ISRO Chairman Biography, Chandrayaan 3

श्रीधर सोमनाथ (जन्म जुलाई 1963), जिन्हें एस. सोमनाथ के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय एयरोस्पेस इंजीनियर और रॉकेट टेक्नोलॉजिस्ट हैं। वे वर्तमान में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष हैं। सोमनाथ का जन्म केरल के पलक्कड़ जिले के ठूरवूर में हुआ था। उन्होंने 1985 में केरल विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद, उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की।

सोमनाथ ने 1986 में ISRO में शामिल हुए। उन्होंने विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) और तरल प्रणोदन प्रणाली केंद्र (LPSC) में कई पदों पर काम किया। उन्होंने Polar Satellite Launch Vehicle (PSLV) और Geosynchronous Satellite Launch Vehicle (GSLV) के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।2015 में, सोमनाथ को LPSC का निदेशक नियुक्त किया गया। उन्होंने इस पद पर 2018 तक काम किया। 2018 में, उन्हें VSSC का निदेशक नियुक्त किया गया। उन्होंने इस पद पर 2022 तक काम किया।

14 जनवरी, 2022 को, सोमनाथ को ISRO का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वे इस पद पर के. सिवन के बाद नियुक्त हुए, जिनका कार्यकाल 14 जनवरी, 2022 को समाप्त हो गया था। सोमनाथ एक प्रतिभाशाली एयरोस्पेस इंजीनियर हैं। उन्होंने ISRO के कई महत्वपूर्ण मिशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में, ISRO ने कई नए अंतरिक्ष अभियानों की योजना बनाई है।

एस सोमनाथ की बायोग्राफी (S. Somanath Biography in Hindi)

नाम एस सोमनाथ
पूरा नाम श्रीधर पाणिकर सोमनाथ
जन्म 1963
जन्म स्थान Aroor Alappuzha, केरल
वर्तमान उम्र 60 साल
धर्म हिंदू
जाति अज्ञात
वैवाहिक अवस्था विवाहित
प्रोफेशन इसरो चेयरपर्सन
पढ़ाई ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट
कॉलेज टीकेएम कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग कोल्लम, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस बेंगलुरु
पता एम- 13, मुरली नगर, तिरुअनंतपुरम-695022, अंबालामुक्कू, पेरूरकड़ा, केरल, इंडिया

 

एस सोमनाथ कौन है? (Who is S. Somanath)

एस सोमनाथ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष हैं। वे एक भारतीय एयरोस्पेस इंजीनियर और रॉकेट टेक्नोलॉजिस्ट हैं। 14 जनवरी, 2022 को, सोमनाथ को ISRO का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वे इस पद पर के. सिवन के बाद नियुक्त हुए, जिनका कार्यकाल 14 जनवरी, 2022 को समाप्त हो गया था।

सोमनाथ एक प्रतिभाशाली एयरोस्पेस इंजीनियर हैं। उन्होंने ISRO के कई महत्वपूर्ण मिशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में, ISRO ने कई नए अंतरिक्ष अभियानों की योजना बनाई है।

एस सोमनाथ का पूरा नाम (S. Somanath Full Name)

इनका पूरा नाम श्रीधर पाड़ीकर सोमनाथ है और संक्षेप में लोग इन्हें एस सोमनाथ कहकर बुलाते हैं।

एस सोमनाथ का एजुकेशन, योग्यता (S. Somanath Qualification)

एस सोमनाथ का शिक्षा और योग्यता निम्नलिखित है:

  • स्नातक: मैकेनिकल इंजीनियरिंग, केरल विश्वविद्यालय, 1985
  • स्नातकोत्तर: एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, भारतीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर, 1987
  • पीएचडी: एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, भारतीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर, 1993

सोमनाथ ने 1985 में केरल विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद, उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। 1993 में, उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।

सोमनाथ एक प्रतिभाशाली एयरोस्पेस इंजीनियर और रॉकेट टेक्नोलॉजिस्ट हैं। उन्होंने ISRO के कई महत्वपूर्ण मिशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में, ISRO ने कई नए अंतरिक्ष अभियानों की योजना बनाई है।

एस सोमनाथ फॅमिली (S. Somanath Family)

सोमनाथ के पिता, हिंदी भाषा के टीचर थे। इसके बावजूद, सोमनाथ के पिता ने जब देखा कि उनके बेटे में साइंस के प्रति जुनून है, तो उन्होंने उन्हें साइंस की ओर प्रोत्साहित किया। सोमनाथ को अंग्रेजी और मलयालम भाषाओं में साइंस की किताबें प्रदान की गई ताकि वह साइंस सब्जेक्ट की अच्छी जानकारी प्राप्त कर सके।

माता-पिता Vedamparambil Sreedhara Panicker, Thankamma
पत्नी वलसाला
बच्चे 2
बेटा माधव
बेटी मालिका

 

एस सोमनाथ वाइफ (S. Somanath Wife)

हम यह बताना चाहते हैं कि श्रीधर पाणिकर सोमनाथ का विवाह वलसाला नामक महिला से हुआ है और इस पति-पत्नी के दो बच्चे भी हैं। आधारित जानकारी के अनुसार, इनकी पत्नी मिनिस्ट्री ऑफ़ फाइनेंस के अंतर्गत आने वाली जीएसटी डिपार्टमेंट में काम करती हैं। इनके दोनों ही बच्चे ने अपनी पोस्ट-ग्रेजुएशन की पढ़ाई इंजीनियरिंग में कंप्लीट कर ली है।

विस्तार से बताते हैं, श्रीधर पाणिकर सोमनाथ की शादी एक महिला वलसाला नामक साथी से हुई है, जिनके साथ वे एक खुशहाल परिवार बनाते हैं। इस संयोजना के परिणामस्वरूप, उनके पास दो प्यारे बच्चे हैं। यह महत्वपूर्ण जानकारी है कि उनकी पत्नी एक माननीय मंत्री के अंतर्गत आने वाली मंत्रिमंडलीय वित्त विभाग के जीएसटी डिपार्टमेंट में काम कर रही हैं। इसके साथ ही, इनके दोनों बच्चे ने अपनी शिक्षा में उच्च स्तर तक पहुँचते हुए पोस्ट-ग्रेजुएशन में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है। इन्हें उनके परिवार के प्रति उनकी मेहनत और समर्पण की गरिमा प्राप्त है।

एस सोमनाथ का Body

लंबाई 5 फीट 8 इंच
आंखों का रंग काला
बालों का रंग काला
वजन 82 किलो
रंग सांवला

एस सोमनाथ का करियर (S. Somanath Career)

एस सोमनाथ ने 1986 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में शामिल हुए। उन्होंने विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) और तरल प्रणोदन प्रणाली केंद्र (LPSC) में कई पदों पर काम किया। उन्होंने Polar Satellite Launch Vehicle (PSLV) और Geosynchronous Satellite Launch Vehicle (GSLV) के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

2015 में, सोमनाथ को LPSC का निदेशक नियुक्त किया गया। उन्होंने इस पद पर 2018 तक काम किया। 2018 में, उन्हें VSSC का निदेशक नियुक्त किया गया। उन्होंने इस पद पर 2022 तक काम किया।

14 जनवरी, 2022 को, सोमनाथ को ISRO का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वे इस पद पर के. सिवन के बाद नियुक्त हुए, जिनका कार्यकाल 14 जनवरी, 2022 को समाप्त हो गया था।

सोमनाथ एक प्रतिभाशाली एयरोस्पेस इंजीनियर हैं। उन्होंने ISRO के कई महत्वपूर्ण मिशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में, ISRO ने कई नए अंतरिक्ष अभियानों की योजना बनाई है।

सोमनाथ के कुछ प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं:

  • PSLV और GSLV के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
  • 2015 में LPSC का निदेशक नियुक्त किया गया
  • 2018 में VSSC का निदेशक नियुक्त किया गया
  • 14 जनवरी, 2022 को ISRO का अध्यक्ष नियुक्त किया गया
  • चंद्रयान-3 मिशन में अहम हिस्सा 

सोमनाथ एक प्रेरणादायक नेता हैं। वे भारत को अंतरिक्ष अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

एस सोमनाथ के अवार्ड (S. Somanath Award)

एस सोमनाथ को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

  • 2002: भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (INSA) का फेलो
  • 2007: भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) का फेलो
  • 2010: अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार
  • 2012: रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी (RAS) का विदेशी फेलो
  • 2015: एयरोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (ASI) का स्वर्ण पदक
  • 2018: ISRO का वार्षिक पुरस्कार
  • 2023: SRM Institute of Science and Technology का मानद डॉक्टरेट

सोमनाथ को उनके अंतरिक्ष अनुसंधान और प्रौद्योगिकी में योगदान के लिए इन पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। वे एक प्रतिभाशाली एयरोस्पेस इंजीनियर और रॉकेट टेक्नोलॉजिस्ट हैं, जिन्होंने ISRO के कई महत्वपूर्ण मिशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

एस सोमनाथ चंद्रयान-3 (S. Somanath Chandrayan-3)

एस सोमनाथ चंद्रयान-3 के प्रमुख है। चंद्रयान-3 भारत का एक अंतरिक्ष मिशन है, जिसका लक्ष्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर और रोवर को उतारना था। मिशन 23 अगस्त, 2023 को सफलतापूर्वक पूरा हुआ।

सोमनाथ ने चंद्रयान-3 के विकास और निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मिशन के लिए लैंडर और रोवर के डिजाइन और विकास का नेतृत्व किया। उन्होंने मिशन के लिए प्रशिक्षण और योजना को भी निर्देशित किया।

सोमनाथ के नेतृत्व में, चंद्रयान-3 ने कई चुनौतियों का सामना किया। 2019 में, चंद्रयान-2 का मिशन विफल रहा, जब लैंडर चंद्रमा की सतह से टकराया। चंद्रयान-3 को चंद्रयान-2 की विफलता से सीखने और मिशन को सफल बनाने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता थी।

सोमनाथ और उनकी टीम ने इन चुनौतियों का सामना किया और चंद्रयान-3 को सफल बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। मिशन के सफल होने पर, सोमनाथ ने कहा, “यह एक ऐतिहासिक क्षण है। यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।”

चंद्रयान-3 की सफलता एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी। यह भारत को अंतरिक्ष अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।

एस सोमनाथ की कुल कमाई (S. Somanath Net Worth)

सोमनाथ ने अत्यधिक मेहनत की है और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की महत्वपूर्ण सेवाएं की हैं। उन्होंने अपने मेहनत और समर्पण के साथ इसरो के माध्यम से सफलतापूर्वक अच्छी आमदनी प्राप्त की है। इस तरह, वेब से प्राप्त जानकारी के आधार पर, वर्तमान समय में उनकी कुल आमदनी लगभग 3 से 5 करोड़ रुपये के आसपास है। मिस्टर सोमनाथ के बारे में एक जानकारी यह भी है कि वे बहुत ही सादगीपूर्ण व्यक्ति हैं। इस कारण, वे सोशल मीडिया का अधिक उपयोग नहीं करते हैं।

एस सोमनाथ सैलरी (S. Somanath Salary)

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष बनना कोई छोटी बात नहीं है। सोमनाथ को उच्च वेतन प्राप्त होता है, क्योंकि वह एक अधिक शिक्षित व्यक्ति है और उन्हें अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में बहुत अधिक अनुभव है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीधर पाणिकर सोमनाथ की मासिक आय लगभग ढाई लाख रुपये के करीब है। वर्तमान समय में वह इसरो संस्था के चेयरपर्सन के पद पर सेवानिवृत्त है।

FAQs:

  1. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) क्या है?

ISRO भारत सरकार का एक स्वायत्त अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन है। इसका मुख्यालय बेंगलुरु, भारत में है। ISRO का उद्देश्य विभिन्न राष्ट्रीय आवश्यकताओं के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का विकास और अनुप्रयोग करना है।

  1. ISRO के मुख्य कार्य क्या हैं?

ISRO के मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:

  • संचार, दूरदर्शन प्रसारण और मौसम संबंधी सेवाओं के लिए उपग्रहों का प्रक्षेपण और संचालन करना
  • अंतरिक्ष आधारित नौसंचालन सेवाएं प्रदान करना
  • भू-उपग्रहों का उपयोग करके संचार, दूरसंचार, मौसम विज्ञान, भू-उपग्रह मानचित्रण और निगरानी आदि के लिए अनुप्रयोग विकसित करना
  • भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए प्रौद्योगिकी का विकास करना
  • अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान में भारत की भागीदारी को बढ़ावा देना
  1. ISRO के कुछ प्रमुख मिशन क्या हैं?

ISRO ने कई महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इनमें शामिल हैं:

  • 1975 में पहला उपग्रह आर्यभट्ट का प्रक्षेपण
  • 1980 में पहला उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएलवी) का प्रक्षेपण
  • 1993 में पहला मानव रहित अंतरिक्ष यान चंद्रयान-1 का प्रक्षेपण
  • 2008 में पहला चंद्र लैंडर चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण
  • 2023 में चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण
  1. ISRO के कुछ प्रमुख उपलब्धियाँ क्या हैं?

ISRO ने अंतरिक्ष अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। इनमें शामिल हैं:

  • 1994 में भारत को संचार उपग्रहों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना
  • 2008 में भारत को चंद्रमा पर लैंडर भेजने वाला दूसरा देश बनना
  • 2023 में भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर और रोवर भेजने वाला पहला देश बनना
  1. ISRO के भविष्य के लक्ष्य क्या हैं?

ISRO के भविष्य के लक्ष्यों में शामिल हैं:

  • अंतरिक्ष में मानव मिशन भेजना
  • चंद्रमा और मंगल पर लंबे समय तक रहने वाले मानव उपनिवेशों की स्थापना करना
  • अंतरिक्ष में ऊर्जा और संसाधनों के उपयोग के लिए अनुसंधान करना
  • अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान में भारत की भागीदारी को बढ़ावा देना

6. इसरो का नया अध्यक्ष कौन है?

Ans : सोमनाथ को इसरो का नया अध्यक्ष बनाया गया है।

7. डॉक्टर सोमनाथ कौन है?

Ans : डॉक्टर सोमनाथ इसरो साइंटिस्ट और इसरो संस्था के नए और दसवें अध्यक्ष है।

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