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MSc में कितने सब्जेक्ट होते हैं? | MSc Syllabus In Hindi

नमस्कार दोस्तों, आज के लेख में बात करेंगे “MSc में कितने सब्जेक्ट होते हैं?” MSc Syllabus In Hindi, यदि आप MSc कोर्स करना चाहते हैं और इसलिए आप MSc कोर्स में आवेदन करने से पहले यह जानना चाहते हैं कि MSc में कितने विषय होते हैं तो आप इस लेख को पूरा पढ़ें, क्योंकि इस लेख में आपको MSc कोर्स के अंतर्गत आने वाले सभी विषयों के बारे में जानकारी मिलेगी, तो चलिए जानते हैं कि: MSc में कितने सब्जेक्ट होते हैं?

MSc Syllabus In Hindi

MSc में कितने सब्जेक्ट होते हैं? | MSc Syllabus In Hindi

मास्टर ऑफ साइंस (MSc) के अंतर्गत कोई विशिष्ट विषय नहीं पढ़ाई जाती है और इसकी स्वयं की कोई विषय नहीं होती है बल्कि जो विषय हम विज्ञान (Science) में पढ़ते हैं, वे सभी इस विषय इसके अंतर्गत भी पढ़ाया जाता है। क्योंकि मास्टर ऑफ साइंस साइंस का ही एक उच्च कोर्स है, जिसे एक अलग पहचान मिलती है जो सब्जेक्ट्स हम विज्ञान के अंदर पढ़ते हैं बस वही सब्जेक्ट्स इस में भी होती है।

शायद आपको पता होगा कि जब हम 10वीं के बाद विज्ञान विषय का चयन करते हैं और विज्ञान की पढ़ाई करते हैं तो उसमें हमें इन सभी सब्जेक्ट को ही पढ़ना होता है, जैसे कि भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, विज्ञान कृषि, नर्सिंग आदि बहुत सारे होता है। जब हम 10वीं के बाद बैचलर ऑफ साइंस (BSc) पूरा कर लेते है तो हमे विज्ञान के सभी सब्जेक्ट्स में से किसी एक को ले कर के आगे मास्टर ऑफ साइंस करना होता है।

MSc के अंतर्गत आने वाले सभी सब्जेक्ट्स की सूची 

मास्टर ऑफ साइंस के अंदर जितने भी सब्जेक्ट चयन करने की स्वीकृति रहती है उन सभी सब्जेक्ट्स का नाम नीचे सूचीबद्ध है:

  • भौतिक विज्ञान/भौतिक शास्त्र (physics)
  • रसायन विज्ञान/रसायन शास्त्र (chemistry)
  • Master of science in nursing
  • कंप्यूटर साइंस(computer science)
  • बायोकेमिस्ट्री(biochemistry)
  • जीव विज्ञान (biology)
  • बॉटनी(botany)
  • इलेक्ट्रॉनिक्स(electronics)
  • एनवायरमेंटल साइंस(environmental science)
  • मैथमेटिक्स(mathematics)
  • क्लीनिकल साइकोलॉजी (clinical psychology)
  • जूलॉजी(zoology)

मास्टर ऑफ साइंस में लगभग इन सभी सब्जेक्ट को ही चुनने के लिए विकल्प के रूप में दिया जाता है। बैचलर ऑफ साइंस करने के बाद आप इनमें में से किसी एक सब्जेक्ट को चुनकर आगे MSc कर सकते हैं। यह पूर्ण रूप से आपके ऊपर डिपेंड करता है कि आप कौन से सब्जेक्ट को चुनना चाहते और पढ़ना चाहते है।

MSc विशेषज्ञता विकल्प

यदि आप मास्टर ऑफ साइंस करने के दौरान किसी एक विषय में स्पेशलाइजेशन करना चाहते हैं तो आपके पास कई सारे विकल्प उपलब्ध होता है। क्योंकि MSc के अन्दर किसी एक विषय को चुनकर आप उस में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं यानी उस सब्जेक्ट का विशेषज्ञ बन सकते हैं। विज्ञान के ही अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में स्पेशलाइजेशन के लिए निम्नलिखित कोर्स है:-

  • Master of science in consciousness studies
  • Master of science in physics
  • Master of science in chemical Technology
  • Master of science in taxation
  • Master of science in engineering management
  • Master of science in management systems
  • Master of science in finance
  • Master of science in accounting
  • Master of science in manufacturing management
  • Master of science in telecommunications software engineering
  •  Master of science in corporate communication
  • Master of science in software engineering

ऊपर में दी गई सभी स्पेशलाइजेशन मास्टर ऑफ साइंस के अंदर आने वाले एक कोर्स हैं| आप इन सभी कोर्सो में से किसी एक कोर्स का चुनाव करके उसमें विशेषज्ञ बन सकते हैं।

शीर्ष MSc प्रवेश परीक्षा

लगभग हर विश्वविद्यालय और संस्थान MSc कोर्स के लिए प्रमुख प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन करते हैं| प्रवेश के लिए आयोजन की जाने वाली प्रतियोगिता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार को MSc में दाखिला लेने का मौका प्रदान करते हैं.

नीचे कुछ शीर्ष प्रवेश परीक्षा का नाम दिया गया है जो खासकर MSc डिग्री के लिए डिजाइन किया गया होता है जिसे उम्मीदवारों को पास करना होता है|

  • IIT JAM
  • JNTU
  • BHU Entrance Exam
  • JNU M.Sc. Entrance
  • DUET
  • IPU CET
  • AIIMA PG

MSc कोर्स के क्या फायदे होते हैं?

हमने ऊपर के टॉपिक में बताया कि MSc में कितने सब्जेक्ट होते है और MSc में कौन-कौन से विशेषज्ञता कोर्स होते है| अब हम इस टॉपिक के माध्यम से उन सभी फायदों के बारे में जानेंगे जो MSc कोर्स के बाद के मिलते है तो आइए जानते हैं:

  • मास्टर ऑफ साइंस कोर्स करने के बाद कोई भी व्यक्ति विज्ञान के किसी भी विषय में एक्सपर्ट बन सकता है।
  • अगर कोई छात्र MSc कोर्स पास कर लेता है तो उस के बाद एक पोस्ट ग्रेजुएट उम्मीदवार कहलाने का अवसर प्रदान करता है।
  • MSc करने बाद उम्मीदवार को CBI, UPSC, CID जैसे कई उच्च पदों पर नौकरी के लिए आवेदन करने का मौका मिलता है।
  • MSc करने के बाद उम्मीदवार रिसर्च इंस्टिट्यूट में आवेदन और DRDO, भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर जैसे संस्थान में करियर बनाने का सुनहरा अवसर भी मिल जाता है।
  • किसी बड़ी कंपनी एवं संस्थान में मास्टर पद पर नौकरी करने का अवसर प्राप्त होता है|
  • MSc करने के बाद उम्मीदवार NET या SET परीक्षा पास करके एक प्रोफेशनल टीचर बनाने का भी मौका मिलता है। इस तरह से MSc कोर्स करने से कई सारे लाभ प्राप्त होते हैं|

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FAQ:

प्रश्न: MSc में कितने सब्जेक्ट होते हैं?

उत्तर: MSc के अंतर्गत कोई विशिष्ट विषय नहीं पढ़ाई जाती है और इसकी स्वयं की कोई विषय नहीं होती है बल्कि जो विषय हम विज्ञान (Science) में पढ़ते हैं, वे सभी इस विषय इसके अंतर्गत भी पढ़ाया जाता है।

प्रश्न: क्या MSc करने के बाद कोई भी व्यक्ति विज्ञान के किसी भी विषय में एक्सपर्ट बन सकता है।

उत्तर: हाँ, MSc करने के बाद कोई भी व्यक्ति विज्ञान के किसी भी विषय में एक्सपर्ट बन सकता है।

प्रश्न: MSc करने के बाद उम्मीदवार कौन-कौन से उच्च पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं?

उत्तर: MSc करने के बाद उम्मीदवार को CBI, UPSC, CID जैसे कई उच्च पदों पर नौकरी के लिए आवेदन करने का मौका मिलता है।

प्रश्न: MSc के लिए कौन सा विषय सबसे अच्छा है?

उत्तर: MSc के लिए विज्ञान के लगभग सभी विषय अच्छे ही होते है| ये पूरी तरह से पढ़ने वाले उम्मीदवार पर निर्भर करता है कि कौन सा विषय अच्छा है और कौन सा नहीं|

FINAL ANALYSIS:

इस लेख में हमने जाना की “MSc में कितने सब्जेक्ट होते हैं?” MSc Syllabus In Hindi, आशा करता हूँ इस लेख को पढ़ने के बाद आपको अपने सवालों का जवाब मिल गई होगी| अगर आपके मन में कोई सवाल है तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं| इस लेख को अंत तक पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद!

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