International Tiger Day 2023 इतिहास, महत्व, थीम आदि|

अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस प्रतिवर्ष 29 जुलाई को मनाया जाता है.

इस दिन को मनाने का उद्देश्य बाघों की आबादी को बचाने के लिए जागरूकता बढ़ाना है. बाघों की आबादी पिछले कुछ दशकों में तेजी से घट रही है.

100 साल पहले, दुनिया भर में 100,000 से अधिक बाघ थे. आज, यह संख्या घटकर 3,900 से कम हो गई है.

बाघों के विलुप्त होने का सबसे बड़ा कारण शिकार है. बाघों की खाल, मांस और अंगों की मांग बहुत अधिक है. उन्हें अक्सर पारंपरिक दवाओं में इस्तेमाल किया जाता है.

अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस 2023 की थीम "बाघों की आबादी को दोगुना करें" है. इस थीम के तहत, सभी टाइगर रेंज देश बाघों की आबादी को दोगुना करने की योजना बना रहे हैं. इस योजना को सफल बनाने के लिए, सभी देशों को एक साथ काम करना होगा.

आप भी अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर बाघों के लिए अपना समर्थन दिखा सकते हैं. आप एक वन्यजीव संरक्षण संगठन को दान दे सकते हैं, या आप बाघों के बारे में लोगों को शिक्षित कर सकते हैं.

International Tiger Day 2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित बाघ शिखर सम्मेलन में शुरू किया गया था. इस सम्मेलन में 13 टाइगर रेंज देशों ने भाग लिया था, जिनमें भारत भी शामिल था. सम्मेलन में सभी देशों ने 2022 तक बाघों की आबादी को दोगुना करने का लक्ष्य रखा था.

2022 तक, बाघों की आबादी में कुछ वृद्धि हुई है, लेकिन अभी भी यह लक्ष्य हासिल नहीं हुआ है. बाघों की आबादी को कम करने के कई कारण हैं, जिनमें अवैध शिकार, आवास का नुकसान और जलवायु परिवर्तन शामिल हैं.